गांव हुसनर हड्डा रोड़ी विवाद एक बार फिर भड़का

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दलित समुदाय ने मंदिर के शैड गिराए जाने का आरोप लगा छह धण्टे लगाया हुसनर चौंक में जाम
शक्ति जिंदल, गिद्दड़बाहा
करीब 21 दिन पहले गांव हुसनर का हड्डा रोड़ी विवाद गिद्दड़बाहा प्रशासन,दलित समुदाय व जिमींदार भाईचारे की सांझा मींटिग के बाद हल हो जाने के बाद मंगलवार को जब गांव की पंचायत की ओर से विवादित जगह पर काम कर रहे थे तो अचानक ही उक्त जगह में बने दलित समुदाय के मंदिर के कमरों को लेकर विवाद फिर से उठ खड़ा हुआ। मंदिर के शैड इत्यादि गिराए जाने के गंभीर आरोप जिमींदारों पर लगाते हुए एक बार फिर से दलित समुदाय भड़क गया। जिसके बाद उनकी ओर से हुसनर चौंक में रोष प्रर्दशन करते हुए करीब छह घण्टे तक धरना लगाया। धरना लगाए प्रर्दशनरियों ने दोनो समुदाय व प्रशासन के सांझा तौर पर हुए फैसले को मानने से इंकार कर कर दिया। जबकि बाद दोपहर प्रर्दशनकारियों की ओर से गिद्दड़बाहा प्रशासन को पांच प्रमुख मांगों सबंधी मांग पत्र देकर धरना हटाया गया। इस धरने में दिहाती मजदुर सभा जिला कमेटी,कांतिक्रारी किसान यूनियन आदि के सदस्य भी पहुंचे।

सुबह करीब 11 बजे लगाए गए इस धरने के दौरान दलित समुदाय ने गांव हुसनर से गिद्दड़बाहा चौंक तक रोष प्रर्दशन कर अंत में हुसनर चौंक में पहुंच जाम लगाया। प्रर्दशकारियों का बार बार पिछले समय में हु़आ दोनो समुदाय के बीच का फैसले को भी गलत करार दिया जा रहा था। प्रर्दशन दौरान पहुंचे क्रांतिकारी पेंडु मजदुर यूनियन के प्रधान बलविद्र सिंह ने बताया कि इससे पहले जो फैसला किया गया था,वह दलित समुदाय पर दबाब बनाकर किया गया है। उन्होने बताया कि दबाब के बाद पहले उनका बना गुरूद्वारा बाबा जीवन सिंह को वहा से हटाया गया। जिसके बाद निशान साहिब। जबकि वहा बने बाल्मीकी मंदिर को भी तोडऩे की कौशिश की जा रही है। उन्होने बताया कि उनके लोगो के जो इस विवाद दौरान चोटे लगी थी,मगर वे आज भी कचहरी में तारीखे भुगत रहे है। उनको इंसाफ नही मिल रहा। उनकी ओर से जिला श्री मुक्तसर साहिब के डीसी तक भी पहुंच की थी। जबकि उनकी वहा भी कोई सुनवाई नही हुई। उनकी ओर से दलित समुदाय के लिए गांव में जमीन की मांग भी की गई।
चौंक जाम दौरान दलित समुदाय राहगीरों से भिड़े,भाजी लाठिया-
इस धरने दौरान राहगीरों को खासी दिक्कतों का सामना करने को विवश होना पड़ा। दलित समुदाय की बाईक सवार दो राहगीरों से जमकर झड़प हो गई। जिसके बाद दलित समुदाय ने आक्रोष में आकर लाठियों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। जिससे माहौल तनावग्रस्त हो गया। वही प्रर्दशकारियों का कहना था कि उनको बाईक सवार धमकिया देने लगे जिससे उनकी झड़प हो गई। राहगीरों के साथ साथ अपने बच्चों को स्कूल से लाने वाले अभिवावकों को भी खासी परेशानिया झेलनी पड़ी। बाहर दुर दराज के इलाकों से चलकर आए ट्रक चालको को इस धरने के कारण वही खड़े रहने को मजबुर होना पड़ा।
प्रर्दशनकारी एसडीएम को उनके पास आने की करते रहे मिन्नते-

जबकि मामले को निपटाने की खातिर गिद्दड़बाहा के तहसीलदार गुरमेल सिंह तो जरूर दो बार धरनास्थल पर पहुंच प्रर्दशनकारियों को एसडीएम कार्यलय आकर बातचीत करने की दुहाई देते दिखाई दिए,मगर वे एसडीएम ओम प्रकाश को धरनास्थल पर आने की फरियाद करते रहे। जबकि दुसरी ओर एसडीएम अपने कार्यलय में ही बैठ एसी की ठंडी हवा लेने में व्यस्त रहे। जिसके बाद आखिरकार बाद दोपहर धरनाकारियों ने गिद्दड़बाहा के एसडीएम से करीब आधा घण्टा मींटिग की। जिसमें उनकी ओर से विवादि जगह पर काम रूकवाने की मांग रखी। इसके इलावा विवादि जगह पर हड्डा रोड़ी पर मरे पशु नही फेंकने की बात भी की।
मांगों पर विचार कर करेगे विवाद का हल- तहसीलदार गुरमेल सिंह
इस सबंधी तहसीलदार गुरमेल सिंह ने बताया कि उनको प्रर्दशनकारियों ने मांग पत्र दिया है,उस पर एसडीएम गिद्दड़बाहा की ओर से विचार कर मस्ले का उचित हल निकाला जाएगा। इसके इलावा उन्होने बताया कि विवादित जगह की चारदिवारी की जा चुकी है। जबकि आगे का काम रोक दिया गया है। इसके बाद पंचायत जो भी मता डालेगी,उस हिसाब से काम चलेगा।
यह है पांच प्रमुख मांगे-
प्रर्दशनकारियों अनुसार उनकी पहली मांग गांव हुसनर की शामलाट जमीन पर दलित समुदाय का गुरूद्वारा बाबा जीवन सिंह जो ढाया गया है,उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए। जबकि दलित समुदाय को इससे ठेस पहुंची है,इमारत की दुबारा उसारी हो,विवाद दौरान जखमी लड़की का जो मामला कथित आरोपियों पर हुआ है। उनको गिरफतार किया जाए। जबकि पीडि़त लड़की कीतू को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उसकी बच्ची की पढ़ाई में जो रूकावट आई उसकी आर्थिक मदद हो। दलित मजदुरों के जो घर ढाए गए,गिराए जाने वालों खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो। जबकि गांव हुसनर में अभी भी समाजिक बायकॉट कायम है। गांव में एक महिला कर्मजीत कौर पत्नी गोरा सिंह जोकि खेत में पठे लेने गई थी,को जाती सूचक श4द बोले गए। जबकि एक जिमींदार उक्त महिला मजदुर के आगे नंगा हो गया,जिसकी शिकायत थाना गिद्दड़बाहा की गई। जिस पर कानूनी कार्यवाही हो। मजदुरों खिलाफ दर्ज किए मामले रद्द किए जाए।

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