तीन प्रमुख फैसला लेकर जमींदार व दलित समुदाय ने हड्डा रोड़ी विवाद का किया निपटारा

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गिद्दड़बाहा,शक्ति जिंदल
गांव हुसनर का हड्डा रोड़ी का विवाद आखिरकार ग्रामिणों ने अपने स्तर पर बैठक करके सुलझा लिया गया है। इस विवाद के निपटारे में गिद्दड़बाहा के तहसीलदार गुरमेल सिंह का अहम रोल रहा। उनकी ओर से जमींदार व दलित वर्ग के लोगो की मंगलवार को गिद्दड़बाहा रैस्ट हाऊस में बैठक करवाई गई। जिसके बाद दोनो पक्षों के बीच तीन प्रमुख फैसले हुए। इन फैसलों पर समूचे ग्रामीणों ने सहमति जताई। वही लबें समय तक चले इस विवाद के नही निपटने के पिछे कुछ बाहरी लोगो की दखलअंदाजी को भी मुखय कारण माना जा रहा था।
   मंगलवार को गिद्दड़बाहा रैस्ट हाऊस में सुबह करीब बारह बजे सबसे पहले एससी कमिशन पंजाब के सदस्य करनबीर सिंह इंदौरा ने शिरक्त कर अधिकारियों व दलित समुदाय के लोगो से मींटिग की। जोकि करीब दो घण्टे तक चली। जिसके बाद जमींदारों व दलित समुदाय के प्रमुख लोगो के बीच तहसीलदार गुरमेल सिंह की ओर से अलग कमरे में बिठाकर मींटिग करवाई गई। जिसमें गांव के विवाद को निपटाने की खातिर तीन प्रमुख फैसले लिए गए। जिसके तहत दलित समुदाय की ओर से बनाया गया गुरूद्वारा साहिब बाबा जीवन सिंह जी को पुरानी धर्मशाला में शिफट करने,हड्डा रोड़ी की चारदीवारी ऊंची कर उसे बंद करके ऊपर चिमनी व शैड डालने,दलित समुदाय की ओर से बनाया गया गुरूद्वारा की जगह पर उनके लिए धर्मशाला बनाना प्रमुख है। इस फैसले को बकायदा अस्टाम पर लिखित करवा दोनो पक्षों के लोगो,पंचायत,ग्राम पंचायत के दस्खवत करवाए गए है।
रैस्ट हाऊस में मींटिग दौरान दाखिल होते जत्थेदारों को डीएसपी ने रोका-
  वही खास बात यह है कि बिते दिन ही गांव हुसनर के दोनो पक्ष जमींदारों व दलित भाईचारे ने गंत सोमवार को देर शाम प्रशासन संग मींटिग बाद फैसला लिया था कि वह अपने स्तर पर इस मामले को निपटाएगें व गांव में भाईचारक सांझ बरकरार रखेगे। जिसके तहत बाहरी लोगो की दखलअंदाजी बंद की जाएगी। जबकि इसके बावजुद मंगलवार को दोनो पक्षों की मींटिग दौरान जब कुछ जत्थेदार अंदर दखिल होने लगे तो डीएसपी गुरतेज सिंह की ओर से उनको रोक दिया।
गांव में रही अमन शांति,मगर पुलिस का पहरा बरकरार-
दोनो पक्षों की आपसी सहमति से मंगलवार का दिन गांव हुसनर के लिए भी शांत भरा रहा। गांव में अमन शांति देखने को मिली। गांव हुसनर व दलित बस्ती अंदर लोग राहत की सांस लेते दिखाई दिए। जबकि फिल्हाल मंगलवार को पुलिस का पहरा जरूर लगा था,ताकि कोई गांव के बाहर का व्यक्ति गांव में दाखिल ना हो सके। जिससे मामला भड़क सके।
इस सबंध में तहसीलदार गुरमेल सिंह ने बताया कि दोनो पक्षों को अलग कमरे में बिठाकर उनकी पहले मींटिग करवाई गई थी,जिसके बाद उनकी आपसी सहमति से लिए गए फैसलों पर सरकारी मुहर लगाई गई। उन्होने बताया कि उनकी भी कौशिश रहेगी कि नई बनाई जाने वाली धर्मशाला के लिए सरकार से ग्रांट लाई जाए। जिससे निर्माण में सहयोग हो सके।

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