पंजाब में प्रदूषण निचले स्तर पर, शुद्ध हवा में सांस ले रहे हम, कर्फ्यू का असर

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Zero tillage wheat growing in the field in Fatehgarh Sahib district, Punjab, India. It was sown with a zero tillage seeder known as a Happy Seeder, giving an excellent and uniform wheat crop. The crop belongs to farmer Chamkaur Singh, one of the farmer leaders working in partnership with the Cereal Systems Initiative for South Asia (CSISA). CIMMYT is one of the many partners involved in CSISA, a collaborative project designed to decrease hunger and increase food and income security for resource-poor farm families in South Asia through development and deployment of new varieties, sustainable management technologies, and policies, led by the International Rice Research Institute (IRRI) and funded by the Bill & Melinda Gates Foundation and the USAID. Photo credit: CIMMYT.

पटियाला

कर्फ्यू के बाद से प्रदूषित राज्यों में शुमार होने वाले पंजाब के लोग शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं। राज्य में प्रदूषण निचले स्तर पर चला गया है। सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में गिना जाने वाला मंडी गोबिंदगढ़ एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 24 के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है। इसके अलावा शनिवार को पटियाला, लुधियाना व जालंधर का एक्यूआइ भी 50 से कम दर्ज किया गया है।

पिछले दिनों के मुकाबले सभी शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स सुधरा है। शनिवार को एक्यूआइ 24 के साथ मंडी गोबिंदगढ़ की आबोहवा राज्य में सबसे बेहतर रही, जबकि एक्यूआइ 25 के पटियाला दूसरे और एक्यूआई 27 के साथ लुधियाना राज्य में तीसरे नंबर पर रहा। वहीं एक्यूआइ 52 के साथ अमृतसर राज्य में सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इस कर्फ्यू से हमें सीख लेने की जरूरत है। अब जब राज्य की आबोहवा बेहतर कैटेगरी में आ गई है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम आम दिनों में भी गैरजरूरी गतिविधियों को कम करके इसे बरकरार रखने की कोशिश करें।

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