आर्ट ऑफ लिविंग ने करवाया करिनियो सिक्रेल थैरेपी का सेशन

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बठिंडा,कपिल । तन्दरुस्त शरीर स्वस्थ मन के उद्देश्य से देश मे आर्ट ऑफ लिविंग की और से भ्रमण कर रहे संस्था के सीनियर पूर्ण कालिक खुर्शीद बावा व दिनेश गोड़के पंजाब के चल रहे कार्यक्रमों के तहत बठिंडा पहुंचे जहाँ उन्होंने लोगों को करिनियोसिक्रेल थैरेपी के बारे में लोगों को जानकारी दी
सेशन की शुरुआत में दिनेश गोड़के द्वारा करिनियोसिक्रेल थैरेपी के बारे में बताया कि हल्के स्पर्श से ही हम किस तरह अपने ऊर्जा के संचार को नियंत्रित कर सकते है और अनेक प्रकार के शरीर व मन के स्तर के रोगों से हम निजात पा सकते है ये विधि बड़े ही सूक्ष्म स्तर पर कार्य करते हुए हमें बीमारियों से छुटकारा दिलाने में सहायक सिद्ध हुई है खुर्शीद बावा ने लोगो को बताया कि आमतौर पर हमारा ध्यान शरीर के उस हिस्से की और ज्यादा जाता है जहाँ गड़बड़ होती है लेकिन पूरे शरीर का आकलन कभी नही कर पाते, उन्होंने बताया कि हमारी जीवन पूंजी हमारा स्वास्थ है बढ़ती उम्र के साथ हम अपने शरीर दिमाग का इस्तेमाल कम देते है जिसके कारण बीमारियो से ग्रसित होने लगते है,हम अपने दिमाग व शरीर की ऊर्जा का बहुत कम प्रतिशत इस्तेमाल करते है जो कि कई बार हमारे तनाव का व झगड़े और क्रोध का कारण बनता है,हम जितना ज्यादा अपने दिमाग और शरीर की ऊर्जा का इस्तेमाल करेंगे उतनी ही हमारी कोशिकाएं सक्रिय होंगी और हम रोगमुक्त रह सकते है,
करिनियो सिक्रेल थेरेपी इंग्लैड की महारानी डायना द्धारा प्रचार प्रसार किया गया जिसे आज अमेरिका, यूरोप, इंग्लैंड,ऑस्ट्रेलिया व अन्य देशों में बहुत उपयोग किया जाता है भारत मे इसके मात्र दो स्कूल आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा बैंगलोर व ऋषिकेश में संचलित है जहाँ पर इसकी शिक्षा दी जाती है ,इस थेरेपी का लाभ लेकर बहुत से लोग रोगों से मुक्त हुए है जिसका भारत मे विभिन्न टीचरों द्वारा सफल प्रयोग लगातार जारी है

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