जम्मू-कश्मीर पुलिस ने असम राइफल्स और सीआरपीएफ की मदद से बांदीपोरा जिले में एक टेरर मॉड्यूल पकड़ा। ऑपरेशन में एक महिला समेत दो आतंकी गिरफ्तार कर उनसे AK-47 समेत कई हथियार भी बरामद किए गए।अधिकारियों ने बताया कि एक आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर मुश्ताक अहमद मीर के संपर्क में था। उसे आतंक को बढ़ावा देने के लिए 47 लाख रुपए भी मिले थे। अहमद मीर 1999 में पाकिस्तान चला गया था।

अधिकारियों ने बताया कि 25 अगस्त को एक हाइब्रिड टेररिस्ट के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके में एक चेकपॉइंट बनाया गया। इस चेकपॉइंट से एक शख्स ने भागने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया। उस शख्स के पास से एक पिस्टल, एक पिस्टल मैगजीन, 8 गोलियां और दूसरा आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। आरोपी की पहचान शफायत जुबैर के रूप में हुई।

जुबैर को बांदीपोरा में आतंकियों को बढ़ावा देने के लिए 47 लाख रुपए मिले थे। जुबैर साल 2000 में हुए कोठीबाग आईईडी ब्लास्ट में भी शामिल था। इस ब्लास्ट में 12 पुलिसकर्मियों समेत 14 लोगों की मौत हो गई थी। उस पर 2009 में सेना की गाड़ी जलाने का भी आरोप है। इस मामले में वह जमानत पर बाहर है।

जुबैर ने पूछताछ में बताया कि वह हथियारों की डिलीवरी लेने के लिए मुनीरा बेगम नाम की महिला के पास जा रहा था। मुनीरा बेगम मारे गए आतंकी युसूफ चौपान की पत्नी है। इसके बाद पुलिस ने मुनीरा के पास से 1 AK-47 राइफल, 3 मैगजीन, 90 गोलियां और एक पेन पिस्टल बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि मुनीरा दो बार पाकिस्तान जा चुकी है।

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